
✅ पीएम सूर्य घर योजना रजिस्टर्ड वेंडर
बिजली बिल होगा ज़ीरो, छत पर लगवाएँ सोलरकुशीनगर में सोलर पैनल इंस्टालेशन
₹1,08,000 तक सरकारी सब्सिडी (₹78,000 केंद्र + ₹30,000 यूपी सरकार) और हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली। कुशीनगर, देवरिया और गोरखपुर में सेवा।
- ✔ फ्री साइट सर्वे
- ✔ पूरे कागज़ी काम की जिम्मेदारी हमारी
- ✔ 25 साल की वारंटी
- ✔ हाटा की लोकल टीम
₹1,08,000
यूपी में अधिकतम सब्सिडी
300 यूनिट
हर महीने फ्री बिजली
25 साल
पैनल वारंटी
1-2 दिन
इंस्टालेशन समय
पीएम सूर्य घर योजना में कितनी सब्सिडी मिलेगी?
केंद्र सरकार और यूपी सरकार, दोनों की सब्सिडी एक साथ मिलती है:
| सिस्टम | केंद्र सरकार | यूपी सरकार | कुल सब्सिडी |
|---|---|---|---|
| 1 किलोवाट | ₹30,000 | ₹15,000 | ₹45,000 |
| 2 किलोवाट | ₹60,000 | ₹30,000 | ₹90,000 |
| 3 किलोवाट+ ⭐ | ₹78,000 | ₹30,000 | ₹1,08,000 |
काम कैसे होता है? बस 4 स्टेप
फ्री साइट सर्वे
हमारे इंजीनियर आपके घर आकर छत और बिजली बिल देखेंगे।
पोर्टल रजिस्ट्रेशन
पीएम सूर्य घर पोर्टल पर आवेदन और बिजली विभाग से मंजूरी, सब हमारी जिम्मेदारी।
इंस्टालेशन
अच्छी क्वालिटी के पैनल और इन्वर्टर, 1-2 दिन में इंस्टाल।
नेट मीटर + सब्सिडी
नेट मीटर लगेगा और सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में आएगी।
कुशीनगर के लोग हम पर भरोसा क्यों करते हैं?
लोकल दुकान
भैंसई बाजार, हाटा में हमारी दुकान है। कभी भी आइए, आमने-सामने बात कीजिए।
बेहतरीन क्वालिटी
टियर-1 पैनल और ब्रांडेड इन्वर्टर, 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी।
कागज़ी काम की टेंशन नहीं
पोर्टल, बिजली विभाग, नेट मीटर, सब्सिडी क्लेम, सब कुछ हम करते हैं।
बाद में भी सेवा
पैनल सफाई, मरम्मत, कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत लोकल सपोर्ट।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सोलर पैनल लगवाने में कितना खर्चा आता है?+
3 किलोवाट सिस्टम की कुल लागत करीब ₹1,80,000 होती है। लेकिन पीएम सूर्य घर योजना में ₹78,000 केंद्र सरकार और ₹30,000 यूपी सरकार से सब्सिडी मिलती है। यानी आपकी जेब से सिर्फ करीब ₹72,000 लगेंगे। यह पैसा 2-3 साल में बिजली बिल की बचत से वापस आ जाता है।
सब्सिडी का पैसा कैसे मिलता है?+
इंस्टालेशन और नेट मीटर लगने के बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में आती है, आमतौर पर 30-45 दिन में। पोर्टल रजिस्ट्रेशन से लेकर सब्सिडी क्लेम तक, पूरा कागज़ी काम हम करते हैं।
3 किलोवाट से कितनी बिजली बनती है?+
3 किलोवाट सिस्टम से महीने में करीब 360 यूनिट बिजली बनती है। ज्यादातर घरों की जरूरत इतने में पूरी हो जाती है और बिजली बिल लगभग ज़ीरो हो जाता है। ज्यादा बिजली बनने पर वह नेट मीटर से ग्रिड में चली जाती है और उसका क्रेडिट मिलता है।
पावर कट में सोलर चलेगा या नहीं?+
आम ऑन-ग्रिड सिस्टम पावर कट में बंद हो जाता है (सेफ्टी के लिए)। अगर आपको 24 घंटे बिजली चाहिए तो बैटरी वाला हाइब्रिड सिस्टम लगवा सकते हैं। हम दोनों तरह के सिस्टम लगाते हैं।
आप लोग कहाँ-कहाँ सर्विस देते हैं?+
पूरे कुशीनगर जिले में: हाटा, पडरौना, कसया, रामकोला, तमकुही राज, और पास के देवरिया और गोरखपुर में भी। साइट सर्वे बिल्कुल फ्री है।
बारिश और बादल में सोलर चलता है क्या?+
हाँ। बादल वाले दिन भी बिजली बनती है, बस थोड़ी कम। हमारे सालाना बचत के हिसाब में बरसात के महीने पहले से जुड़े होते हैं। पैनल पूरी तरह वाटरप्रूफ होते हैं, और बारिश से पैनल की धूल भी साफ हो जाती है।
सोलर के लिए कितनी छत चाहिए?+
करीब 80-100 वर्ग फुट प्रति किलोवाट, बिना छाया वाली छत। यानी 3 किलोवाट के लिए करीब 300 वर्ग फुट। फ्री सर्वे में हम आपकी छत नापते हैं और पेड़, पानी की टंकी वगैरह की छाया भी देखते हैं।
पैनल कितने साल चलते हैं और मेंटेनेंस कितना है?+
पैनल पर 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी होती है और इन्वर्टर आमतौर पर 8-10 साल चलता है। मेंटेनेंस बहुत कम है: 2-4 हफ्ते में पानी से पैनल की सफाई और साल में एक बार जांच। हमारा सस्ता सालाना मेंटेनेंस (AMC) भी ले सकते हैं।
और कुछ पूछना है? कॉल करें +91 88879 60250 (हिंदी और भोजपुरी, दोनों में बात कर सकते हैं 😊)
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